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व्यापार

टेक्सटाइल जाब वर्क,ट्रैक्टर्स पार्ट्स सस्ता को हेल्थ पर भारी GST

 

नई दिल्ली। एक जुलाई से लागू वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) की मार से बीमारी से जूढ रहे मरीजों पर पड़ेगी। नई व्यवस्था के तहत अब डायलिसिस कराना, पेसमैकर लगवाना और हड्डी व कैंसर के इलाज में काम आने वाले उपकरणों पर टैक्स की दर बढ़ गई है। ऐसे में किडनी (गुर्दे), दिल, कैंसर व हड्डी रोगों के मरीजों को ज्यादा खर्च करना होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी गई है। मंत्रालय ने इन रोगों के इलाज में सहायक उपकरणों पर लागू कर की नई दरें उजागर की हैं।
हालांकि, एक मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जीवनरक्षक दवाएं, हेल्थकेयर सेवाएं व मेडिकल उपकरण जीएसटी के तहत करमुक्त बने रहेंगे।
वहीं जीएसटी काउंसिल ने ट्रैक्टर्स के विशेष पार्ट्स पर जीएसटी की दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का निर्णय किया। टेक्सटाइल उद्योग को दी गयी यह राहत इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह क्षेत्र व्यापक स्तर पर रोजगार मुहैया कराता है। हाल में टेक्सटाइल उद्योग की ओर से जीएसटी की दरों को लेकर गुजरात और महाराष्ट्र सहित देश के कई भागों में प्रदर्शन भी हुए हैं।

07 August, 2017
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