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ग्वालियर

जिंदगी पर भारी पड़ा रिजल्ट,एक दर्जन छात्रों ने गंवाई जान


ग्वालियर/भोपाल। मप्र में दसवीं और बारहवीं परीक्षा के नतीजों के बाद जो हादसे सामने आ रहे वो चौंकाने वाले है। प्रदेश में 10वीं-12वीं में फेल होने से चौबीस घंटे के अंदर निराश एक दर्जन छात्र-छात्राअों ने आत्महत्या कर ली। रतलाम के दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र के ग्राम राजपुरा में दसवीं कक्षा में फेल होने पर एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार छात्र सुरेश पिता शांतिलाल भाबर (16) वर्ष निवासी ग्राम लालगुवाड़ी बचपन से अपने मामा अमृतलाल सिंघाड़ निवासी ग्राम राजपुरा के पास ही रह कर पढ़ाई कर रहा था। वह दसवीं की परीक्षा में दो विषयों में फेल हो गया था। वहीं ग्वालियर में दसवी की एक छात्रा ने ज़हर खाकर खुदकुशी की कोशिश की, फेल होने से दुखी छात्रा पूजा दोहरे ने इलाज के दौरान अस्पताल मे दम तोड़ दिया। भोपाल-10वी में सप्लीमेंट्री आने पर छात्रा ने कीटनाशक पीकर जान देने की कोशिश की है। बैरसिया थाना के ललोई गांव की रहने वाली छात्रा का इलाज भोपाल में किया जा रहा है। जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित होने के बाद अब तक एक दर्जन छात्रों ने जीवन लीला को समाप्त कर लिया है।
भोपाल हबीबगंज थाना क्षेत्र के मीरा नगर में एक्सीलेंस स्कूल के 12वीं के एक छात्र नमन कड़वे ने जहरीला इंजेक्शन लगाकर खुदकुशी कर ली। भिंड नपा अध्यक्ष कलावती मिहोलिया का इकलौते बेटे तपिश ने घर में फांसी लगा ली। 12वीं में वह दो विषयों में फेल हुआ था। जबलपुर में 12वीं की छात्रा कंचन दुबे ट्रेन से कट गई। उसे भौतिकशास्त्र में पूरक आई थी। ग्वालियर में प्रज्ञा कुशवाह ने 12वीं में फेल हाेने की जानकारी मिलते ही घर में फांसी लगा ली। छतरपुर में 12वीं के छात्र विकास रावत ने रिजल्ट आने से पहले ही घर में फांसी लगाकर जान दे दी। मधुसूदनगढ़ में 12वीं में फेल छात्रा लक्ष्मीबाई ढीमर ने शाम को जहर पी लिया। सतना में 12वीं की छात्रा रीना सिंह ने फांसी लगाकर जान दे दी। इंदौर में 10वीं के छात्र सुमित बागोरा ने रिजल्ट देखने के बाद फांसी लगा ली। टीकमगढ़ में 10वीं की छात्रा पिंकी प्रजापति ने सुबह परीक्षा परिणाम देखने के बाद घर में फांसी लगा ली।

13 May, 2017
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