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विदेश

तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने खड़ी दुनियां,हालात हुए नाजुक


वॉशिंगटन। दुनियां तेजी के साथ तीसरे विश्व युद्ध यानि कि WORLD WAAR की तरफ बढ़ रही है। उत्तर कोरिया ने युद्ध की तैयारी पूरी कर ली है और अब तक का सबसे बड़ा युद्ध अभ्यास कर दुनियां को ताकत दिखा चुका है। वहीं अमरीकी युद्धपोत और पनडुब्बियां उत्तर कोरिया के करीब पहुंच मोर्चा संभाल चुकी हैं। वाशिंगटन और प्योंगयांग से तीखे शब्द बाणों का प्रहार पिछले कई दिनों से जारी है। जापान और दक्षिण कोरिया में जंगी आपातकाल के दौरान नागरिकों को बचाए जाने का अभ्यास भी किया जा चुका है। अमरीका सहयोगी देश दक्षिण कोरिया में मिसाइल डिफेंस सिस्टम थाड लगा रहा है। ऐसे में रैंड कारपोरेशन के रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति वहां पहुंच चुकी है, जहां से अब पीछे लौटना मुश्किल होता जा रहा है। किसी भी पक्ष की एक छोटी सी चूक एक महायुद्ध या यू कहें तीसरे विश्वयुद्ध की भूमिका तैयार कर देगी। हालात इस तेजी के साथ बिगड़ते नजर आ रहे है कि उनको संभालने की कोशिशें विफल होती साबित हो रही है। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही उत्तर कोरिया ने भी अपनी नजरें तरेरना तेज कर दिया है। हाल ही में उत्तर कोरिया से निपटने के लिए अमरीकी उप-राष्ट्रपति माइक पेंस ने कहा कि रणनीतिक धैर्य का युग अब खत्म हो चुका है। हमारे लिए सभी विकल्प खुले हैं। हाल ही में उत्तर कोरिया ने अपनी सेना के 85वें स्थापना दिवस पर भारी गोलाबारी का प्रदर्शन किया। ऐसा गोलाबारी अभ्यास उसने अब तक कभी नहीं किया था। विशेषज्ञों की मानें तो सैन्य अभ्यास में सीमित टैंकों और तोपों का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन उस प्रदर्शन को देखकर लग रहा था जैसे वह युद्ध से पहले हथियारों में लगे जंग को छुड़ा रहा हो। सैन्य अभ्यास और मोर्चे पर हथियारों और युद्धक सामग्री के जमावड़े में अमरीका भी पीछे नहीं है।
पिछले ही महीने जापान ने बचाव अभ्यास किया। हमले से संबंधित दिशानिर्देश जारी किए। दक्षिण कोरिया में ऐसा ही अभ्यास अमरीका की मदद से किया गया और आपातकाल की स्थिति में बचने के लिए एडवायजरी जारी की। कोरियाई प्रायद्वीप पर बड़े संघर्ष को टालना चीन की रणनीतिक विवशता है। अमरीका और उत्तर कोरिया के बीच वह मध्यस्थता कर रहा है, लेकिन दोनों ही देश उसे खारिज कर रहे हैं। बीजिंग को चिंता है कि युद्ध के बाद उत्तर कोरियाई शरणार्थियों से चीन पट जाएगा। साथ ही एकीकृत कोरिया होने के बाद अमरीकी, सैनिकों की उसकी सीमा तक पहुंच हो जाएगी। इसी के मद्देनजर चीन ने भी अपनी सेना को तैयार कर लिया है।

27 April, 2017
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